Thursday, April 8, 2021

मिली है जो विरासतें


मिली है जो विरासतें 

उसे यूँ ना बर्बाद करो 

मुश्किल से ईमान रौशन है 

उसे यूँ ना गुनेहगार करो


दिन चमकता है 

उसे बेशक प्यार करो 

रात अंधेरों का है 

उसे यूँ ना बदनाम करो 


दुश्मन अगर मिल जाये   

हरि समझ के नमस्कार करो 

इश्क़ अगर समझ में ना आये

तो दर्द का ही कारोबार करो 


लड़ाइयां अकेले ही लड़नी है 

ये समझो और ऐलान  करो 

चिल्लाने से कुछ नहीं होगा 

जाओ बढ़ो  कुछ काम करो 


मिलेगा ना कुछ इस हालात पे 

थोड़ा और ज़ख़्मों से बात करो 

ज़मीं आसमां हिल जाये

कुछ ऐसा काम करो 





 

 

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thank u so much...

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