Saturday, December 9, 2017

मैं वो दरिया नहीं



मैं वो दरिया नहीं, जो किनारों से कैद रहूँ 
और मैं वो प्यार भी नहीं ,जो टूट के बिखर जाऊं
तुफ़ा लाना है तो ला तूं 
मैं वो पत्थर नहीं, जो लहरों से डर जाऊं

ये मौत का डर किसी और को बताना
मैं जिन्दा ही कब था जो मर जाऊंगा
प्यार में जिंदगी है खुद को  समझाना
मुझे दोस्ती ना मिली तो दुस्मनी निभा लूँगा





2 comments:

thank u so much...

समस्या बतायी जा रही है

समस्या बतायी जा रही है  सबको दिखाई जा रही है  ये भी परेशान है  ये बात समझायी जा रही है   देसी दारू पिलाई जा रही है  रेड लेबल छुपाई जा रही है...