मैं वो दरिया नहीं, जो किनारों से कैद रहूँ
और मैं वो प्यार भी नहीं ,जो टूट के बिखर जाऊं
तुफ़ा लाना है तो ला तूं
मैं वो पत्थर नहीं, जो लहरों से डर जाऊं
ये मौत का डर किसी और को बताना
मैं जिन्दा ही कब था जो मर जाऊंगा
प्यार में जिंदगी है खुद को समझाना
मुझे दोस्ती ना मिली तो दुस्मनी निभा लूँगा
Bahut Acchha ....
ReplyDeleteNice line
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