Saturday, April 21, 2018

माल है गांजा है या मारिजुआना है ये क्या है



माल है गांजा है या मारिजुआना है ये क्या है 
कल्पना का सार है या कल्पना का भण्डार है आखिर ये क्या है 
फेफड़ों तक जाता है ब्रहमाण्ड तक घुमाता है
अघोरियों का प्रिय है महाकाल का प्रसाद है आखिर ये क्या है 

चिलम का मित्र है या रिज़ला का सखा है 
बीज से निकलता है झाड़ी - पत्ती बनके उभरता है आखिर ये क्या है 
प्रकृत की गोंद में ये पलता है जमीन से जुड़ के ये रहता है 
बारिशों में भिगता है धूप में ये जलता है आखिर ये क्या है 

टहनी - टहनी ये टूटता है अपनी आखों के सामने ये सूखता है 
अलग भौकाल इसका रहता है , पत्तियों के साथ मैल इसका बिकता है आखिर ये क्या है 
पूरी दुनिया में ये घुमता है , एकाग्रता में लीन ये रहता है  
कई बिमारों का नास ये करता है,  औषधियों में नाम इसका रहता है  आखिर ये क्या है 


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thank u so much...

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